
चंदौली। अधिवक्ताओं की वास्तविक समस्याओं और मूलभूत सुविधाओं को लेकर चंदौली सिविल बार के उपाध्यक्ष तथा सकलडीहा डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र पांडेय एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन उपजिलाधिकारी डॉ. कुंदन राज कपूर को दिया गया, जिसमें प्रदेशभर के अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपते हुए शैलेंद्र पांडेय एडवोकेट ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे अधिवक्ता रहते हैं जिनके घर तक पहुंचने के लिए अब तक खड़ंजा सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि जहां-जहां ग्राम सभाओं में अधिवक्ताओं का निवास है, वहां प्राथमिकता के आधार पर खड़ंजा सड़क और नाली निर्माण सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता शासन व्यवस्था के तीन प्रमुख अंगों में से एक मानी जाने वाली न्यायपालिका से सीधे तौर पर जुड़े होते हैं। वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक न्यायालय में बैठकर न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है, ताकि वे अपने सामाजिक और पारिवारिक दायित्वों का भी निर्वहन कर सकें।
शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अधिवक्ताओं को अक्सर अपने घर या गांव में होने वाले मांगलिक तथा अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। खराब रास्तों और नाली की व्यवस्था न होने के कारण बड़ी संख्या में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि कई बार इस संबंध में जनप्रतिनिधियों से अनुरोध भी किया गया, लेकिन अपेक्षित पहल नहीं हो सकी।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया जाए कि ग्राम सभाओं में निवास करने वाले अधिवक्ताओं की सूची तैयार कर उनके क्षेत्रों में आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। इससे अधिवक्ताओं को राहत मिलेगी और अधिवक्ता हितों की रक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में एडवोकेट नित्यानंद पांडेय, एडवोकेट मनीष श्रीवास्तव, ईश्वर चंद्र पांडेय, उदय प्रताप, आशुतोष सिंह, दुर्गेश सिंह, सुरेश यादव, चंदन यादव, नवीन यादव और श्रीकांत राजभर सहित कई अधिवक्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

