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Chandauli News: डीएम ने 50 लाख से अधिक लागत की परियोजना की जानी प्रगति, संस्कृत विद्यालय के निर्माण में देरी पर संस्था को नोटिस

चंदौली। जिले में विकास कार्यों को गति देने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं, पूर्वांचल विकास निधि, क्रिटिकल गैप्स तथा त्वरित आर्थिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम ने काशीराज संस्कृत माध्यमिक विद्यालय, चकिया के निर्माण कार्य में देरी पर संबंधित संस्था को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने पेयजल, सड़क निर्माण, विद्युत व्यवस्था और सरकारी भवनों से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में कई परियोजनाओं में देरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण में शिथिलता बरतने पर यू.पी. प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड, वाराणसी इकाई को कड़े निर्देश दिए गए।

गंगा किनारे बसे गांवों की सुरक्षा के लिए कटान निरोधक परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। नियमताबाद ब्लॉक के कुण्डाकला और कुण्डाखुर्द तथा सकलडीहा तहसील के नरौली गांव में चल रहे कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आवासीय भवन निर्माण, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शैक्षणिक भवन और छात्रावास निर्माण, नगर पालिका परिषद में 50 टीपीडी सॉलिड वेस्ट प्लांट, औद्योगिक क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र और स्पोर्ट्स स्टेडियम जैसी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। कई कार्यों में धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

 

बाबा कीनाराम अघोरपीठ मठ में चल रहे समेकित पर्यटन विकास और मल्टीपरपज हॉल निर्माण कार्य में देरी पर भी नाराजगी जताई गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कार्य शीघ्र पूर्ण कर जांच के बाद हैंडओवर किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी कार्य में गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी अधिकारी नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी परियोजना में कोई समस्या आती है तो तुरंत अवगत कराएं, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, पीडी डीआरडीए, डीसी मनरेगा, अधिशासी अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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