
चंदौली। डीआईजी वैभव कृष्ण के निर्देश पर 20 जनवरी से परिक्षेत्र के तीनों जनपदों जौनपुर, गाजीपुर व चंदौली में एक माह का कारतूस सत्यापन और शस्त्र लाइसेंस की जांच को विशेष अभियान चलवाया गया। इसके तहत लाइसेंसी शस्त्र की दुकानों से पिछले 2 वर्ष में (1 जनवरी 2024 से 20 जनवरी 2026) बेचे गए विभिन्न बोरों के कारतूसों का सत्यापन कराया गया। जांच में तीनों जनपदों में 2490 कारतूस जहां अनाधिकृत पाए गए, वही 170 लाइसेंसधारकों द्वारा अनाधिकृत उपयोग की पुष्टि हुई। इस पर शस्त्र दुकानदारों पर मुकदमा और लाइसेंस के निरस्तीकरण की तैयारी है।
दरअसल आए दिन हो रही घटनाओं के परिपेक्ष में पुलिस प्रशासन की ओर से शस्त्र लाइसेंस की जांच का निर्देश दिया गया था। इसके मद्देनजर पुलिस क्षेत्राधिकारी व उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में कुल 17 संयुक्त टीमें गठित की गई थी। शस्त्र लाइसेंस की जांच और कारतूस के सत्यापन के लिए जनपद चंदौली में लगाई गई चार टीमों ने पाया कि जीएस गन हाउस पड़ाव मुगलसराय, वीर गन हाउस, मालती गन हाउस मुगलसराय व अन्य शस्त्रागार की ओर से अपने लाइसेंस का नवीनीकरण 2021 के बाद से नहीं कराया गया था। ऐसे में इन गन हाउस के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में 63 शस्त्र लाइसेंसधारक ऐसे पाए गए पर जिनकी ओर से विभिन्न कार्यक्रमों जैसे शादी, जन्मदिन, त्यौहारों आदि में हर्ष फायरिंग अथवा जानवरों को भगाने में कारतूस प्रयुक्त होना जांच के मध्य प्रकाश में आया। इनके शस्त्र लाइसेंस निलंबन/ निरस्तीकरण की करवाई कराई जा रही है। साथ ही 25 शस्त्र लाइसेंसी धारक ऐसे पाए गए जिनकी ओर से अपने स्तर से ही बिना किसी अनुमन्य प्रक्रिया के शस्त्र फायर कर परीक्षण किया जाना जांच के मध्य प्रकाश में आया। इन 25 लाइसेंसी धारक के शस्त्र लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई प्रचलित है। पुलिस उप महानिदेशक ने बताया कि इस सम्पूर्ण अभियान से वाराणसी परिक्षेत्र के जनपदों में आपराधिक तत्वों को कारतूस उपलब्धता पर अंकुश लगेगा व प्रभावी अपराध नियन्त्रण हो सकेगा।

