
चंदौली। बलुआ थाना क्षेत्र के टांडाकला गांव में एक बेहद मार्मिक और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक बेटे ने अपनी जान जोखिम में डालकर मां को पागल कुत्ते के हमले से तो बचा लिया, लेकिन इलाज के बाद घर लौटने के अगले ही दिन बुजुर्ग मां ने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है।
टांडाकला गांव के पांडेय मोहल्ला निवासी 85 वर्षीय मुन्ना पांडेय घर के बाहर गली में बैठी थीं, तभी अचानक एक पागल कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। कुत्ते ने उनके दाहिने हाथ को अपने जबड़े में जकड़ लिया और बुरी तरह नोचने लगा। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग डंडे और पत्थर लेकर दौड़े, लेकिन कुत्ता काफी देर तक उन्हें नहीं छोड़ रहा था।
इसी दौरान महिला के पुत्र दिवाकर पांडेय, जो भदोही में दरोगा के पद पर तैनात हैं और छुट्टी पर घर आए हुए थे, मौके पर पहुंचे। अपनी मां को खून से लथपथ देख उन्होंने बिना किसी डर के सीधे कुत्ते से भिड़ गए। उन्होंने कुत्ते के जबड़े को अपने हाथों से पकड़कर काफी संघर्ष के बाद मां को उसके चंगुल से मुक्त कराया। इस दौरान उन्हें भी चोटें आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
घटना के तुरंत बाद दिवाकर पांडेय अपनी मां को लेकर वाराणसी के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया और रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए। उपचार के बाद महिला घर लौट आईं और सामान्य रूप से बातचीत भी कर रही थीं, जिससे परिवार को राहत मिली।
हालांकि, अगले ही दिन गुरुवार की भोर में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तेज घबराहट होने लगी और सुबह करीब 4:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अचानक हुई इस मृत्यु से परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम छा गया। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ घर पर जुट गई।

