
चंदौली। किसान विकास मंच की ओर से भिटियां मंदिर परिसर में होली मिलन समारोह हर्षोल्लास और उत्साह के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी सौहार्द का संदेश दिया।
गेहूं की सिंचाई और लगन-बरात के व्यस्त मौसम के बावजूद दोपहर करीब 12 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक किसानों का आना-जाना और एक-दूसरे से गले मिलने का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान किसानों ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर गंभीर चर्चा की। बीच-बीच में पारंपरिक होली गीतों के साथ माहौल पूरी तरह होलीमय बना रहा।
किसान विकास मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने कहा कि वर्तमान समय में किसान कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी नीतियां भारत की संप्रभुता और कृषि व्यवस्था पर प्रभाव डालने का प्रयास कर रही हैं, जिसका किसान मिलकर जवाब देंगे।
वक्ता अशोक सिंह ने कहा कि कई किसानों को अभी तक धान का भुगतान नहीं मिला है। पोर्टल बंद होने के कारण भी किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए किसानों को संगठित होकर संघर्ष करना होगा। श्याम बिहारी सिंह ने किसानों को सचेत करते हुए कहा कि यदि समय रहते किसान जागरूक नहीं हुए तो वैश्विक आर्थिक नीतियों का असर आम जनता के जीवन पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।
संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने भी अपने विचार रखते हुए कृषि उत्पादों के मूल्य और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसानों के मक्का, कपास और सोयाबीन जैसे उत्पादों की बिक्री कई बार न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर होती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान राम अवध सिंह ने “भींगी सारी गुलाबी चुनरिया रे, मोहे मारे नजरिया सांवरिया रे” और “होली के दिन खिल जाते हैं रंग” जैसे होली गीत सुनाकर वातावरण को उल्लासमय बना दिया। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने विभिन्न नारों के साथ अपनी एकजुटता भी दिखाई। साथ ही किसान विकास मंच का स्थापना दिवस आगामी 28 मार्च को बरियारपुर में मनाने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम में अशोक सिंह, श्याम बिहारी सिंह, राम अवध सिंह, राधेश्याम पांडेय, इंद्रदेव यादव, विजयमल मौर्य, सुरेश मौर्य, अशोक कुमार द्विवेदी, अयूब खान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अयूब खान ने की तथा संचालन राम अवध सिंह ने किया।

