
चंदौली। ग्राम मसोई में श्री शिव महापुराण कथा के षष्ठम दिवस का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसे स्वामी विवेक चैतन्य महाराज और पं. अजीत मिश्रा ने संयुक्त रूप से संपन्न किया।

कथा वाचक शिवम शुक्ला महाराज ने शिव महापुराण की विविध कथाओं के माध्यम से धर्म, आस्था और जीवन मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने पतिव्रता धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जो स्त्री अपने व्रत और धर्म का पालन करती है, वह न केवल स्वयं धन्य होती है बल्कि अपने परिवार और समाज को भी पवित्र करती है। उन्होंने बताया कि पतिव्रता स्त्री के दर्शन मात्र से पापों का नाश होता है और उसे सदैव सौभाग्य के चिह्न जैसे सिंदूर, बिंदी और चूड़ियां धारण करनी चाहिए।
महाराज ने वर्तमान सामाजिक परिवेश पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि परंपराओं से दूरी बनाने के दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं, इसलिए सनातन मूल्यों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने राम कथा के प्रसंगों के माध्यम से भी पारिवारिक मर्यादा और नारी धर्म की महत्ता को समझाया। कथा के अंतर्गत भगवान गणेश के जन्म की कथा का भी विस्तृत वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि माता पार्वती द्वारा गणेश जी की उत्पत्ति और भगवान शिव द्वारा उन्हें प्रथम पूजनीय का आशीर्वाद देने का प्रसंग हमें यह सिखाता है कि किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश पूजन अनिवार्य है।

कथा के दौरान क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें वरिष्ठ भाजपा नेता सूर्यमुनी तिवारी, रोशन द्विवेदी (डायरेक्टर, द्विवेदी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन), पूर्व जिला पंचायत सदस्य शम्भूनाथ, नागेश पांडेय, संजय पाठक एवं विकेश सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे। वहीं, आरती का विशेष आयोजन एसडीएम चकिया विनय कुमार मिश्रा द्वारा सपत्नीक किया गया।

