
चंदौली। जायसवाल समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद वीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन से मुलाकात की। इस दौरान दवा व्यापारी रोहिताश पाल हत्याकांड से संबंधित एक महत्वपूर्ण पत्रक सौंपा। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि इस मामले में ओम प्रकाश जायसवाल और मनोज जायसवाल को साजिशकर्ता बताते हुए फर्जी तरीके से जेल भेजा गया है, जबकि वे निर्दोष हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बिना ठोस सबूत के दोनों को अपराध में शामिल करना न्याय के बुनियादी सिद्धांतों के विरुद्ध है।
प्रतिनिधियों ने एडीजी को बताया कि घटना में शामिल असली हत्यारे अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जबकि निर्दोषों को आरोपित कर जेल भेज दिया गया है। इस पर उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि विवेचना में उच्च स्तर के अनुभवी अधिकारियों को लगाया जाए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को न फंसाया जाए तथा वास्तविक अपराधियों की शीघ्र पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आग्रह किया कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए तथा बिना प्रमाण लगाए गए आरोपों पर पुनर्विचार कर दोषमुक्त व्यक्तियों को मामले से हटाया जाए। इस अवसर पर जायसवाल सभा के अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, अमरनाथ जायसवाल, राहुल जायसवाल, अर्पित जायसवाल, शिवशक्ति जायसवाल, दिनेश जायसवाल, मंगल जायसवाल, सुरेश जायसवाल, सुनील जायसवाल सहित दोनों परिवारों के कई सदस्य उपस्थित रहे।

