
चंदौली। जिले में धान खरीद का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है, लेकिन इसी बीच संबंधित अधिकारी की गैरहाजिरी से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डिप्टी आरएमओ (क्षेत्रीय विपणन अधिकारी) के कार्यालय से लगातार नदारद रहने के कारण किसान कार्यदिवस में भी निराश होकर लौटने को मजबूर हैं। धान खरीद से जुड़ी अपनी समस्याओं को लेकर किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ जिला खाद्य एवं रसद विपणन अधिकारी राघवेन्द्र सिंह से मिलने कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां डिप्टी आरएमओ मौजूद नहीं मिले।
डिप्टी आरएमओ की ड्यूटी माध्यमिक शिक्षा परिषद की चल रही परीक्षाओं में लगाई गई है। उन्हें जिले के आठ परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी कारण विपणन विभाग का यह महत्वपूर्ण पदाधिकारी दिनभर कार्यालय से बाहर रहे। परिणामस्वरूप धान खरीद को लेकर शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंचे किसान पूरे दिन इंतजार करते रहे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो सकी। शाम लगभग चार बजे परीक्षा निरीक्षण से लौटने के बाद ही कुछ किसानों की उनसे मुलाकात हो पाई।
किसान विकास मंच का कहना है कि धान खरीद का यह समय बेहद संवेदनशील और व्यस्त होता है। ऐसे में विपणन विभाग के जिम्मेदार और वरिष्ठ अधिकारी को विभागेतर कार्यों में लगाए जाना किसानों के हितों के साथ अन्याय है। मंच का आरोप है कि कई खरीद केंद्रों पर बिना मौके पर जांच किए ही धान को अनावश्यक रूप से रिजेक्ट किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे मामलों में केवल सक्षम अधिकारी ही निर्णय ले सकते हैं, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण समस्या और गंभीर हो रही है।
किसान नेताओं का कहना है कि शासन-प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धान खरीद से जुड़े अधिकारी पूरे समय उपलब्ध रहें, ताकि किसानों को समय पर न्याय मिल सके। किसान विकास मंच ने सरकार की इस व्यवस्था की कड़ी निंदा की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो इसकी शिकायत सीएम पोर्टल और फैक्स के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाई जाएगी। मंच ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

