
- कटाई का कार्य होगा प्रभावित, उपज की गुणवत्ता भी होगी खराब
- हवा से उड़ गए टीन शेड,पेड़ व खंभों के गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित
चंदौली : जनपद में शुक्रवार की दोपहर हुई बेमौसम बारिश ने गेहूं की कटाई के पीक सीजन में किसानों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। बारिश के कारण गेहूं की फसल को तो नुकसान पहुंचा ही है, कटाई और मड़ाई का कार्य भी प्रभावित हो गया है। वहीं तेज आंधी के कारण जनपद के कई हिस्सों में पेड़ व विद्युत खंभों के गिरने से विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई है। मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
दरअसल बीते तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ था। धूप निकलने के बावजूद आसमान में बादलों की उपस्थिति बनी हुई थी। शुक्रवार को सुबह हल्की धूप निकली, लेकिन दोपहर 2 बजे के बाद अचानक मौसम ने करवट ली तो तेज आंधी के साथ बारिश आरंभ हो गई। हवा की गति इतनी तेज रही कि कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। वहीं विद्युत खंभों के गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। वहीं कृषि प्रधान जनपद में गेहूं की कटाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा था, लेकिन बारिश ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है। किसान अपनी साल भर की जमा पूंजी को खलिहान और घरों तक पहुंचाने में जुटे थे, लेकिन बारिश से कटाई व मड़ाई का कार्य प्रभावित हो गया है। बारिश से गेहूं के दाने काले पड़ने से उपज की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
————-
1.10 लाख हेक्टेअर में गेहूं की खेती जनपद में रबी के चालू सीजन में कृषि विभाग की ओर से 1.10 लाख हेक्टेअर में गेहूं की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 1.08 लाख हेक्टेअर में किसानों ने गेहूं की खेती की है। चालू सीजन में गेहूं की खेती पिछड़ गई थी। ऐसे में कटाई का कार्य भी विलंब से आरंभ हुआ है।
———-
वर्जन
बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की कटाई का कार्य तो प्रभावित होगा ही उपज की गुणवत्ता पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
डा. अभय दीप गौतम, विज्ञानी केवीके
————
वर्जन
बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इससे फसल की गुणवत्ता खराब होने की संभावना बढ़ जाएगी।
विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी

