
चंदौली। लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पं. पारसनाथ तिवारी नवीन परिसर में परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, लाल बहादुर शास्त्री, पं. पारसनाथ तिवारी एवं स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ। मुख्य अतिथि एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम, कार्यक्रम अध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी, प्राचार्य प्रो. उदयन, प्रो. संजय एवं हर्षवर्धन ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस अवसर पर एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने कहा कि शीत ऋतु में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनवरी माह के प्रथम दिन से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि पूरे माह जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें बच्चों और युवाओं को यातायात नियमों की जानकारी दी गई तथा सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान हेलमेट, सीटबेल्ट न पहनने एवं गलत दिशा में वाहन चलाने जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर 500 से अधिक चालान किए गए।
डॉ. गौतम ने जिले में महिलाओं के बीच ड्राइविंग लाइसेंस के प्रति कम जागरुकता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि 20 लाइसेंस आवेदनों में मात्र एक महिला का आवेदन आता है, जो चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि नारी सशक्तिकरण के तहत शीघ्र ही विशेष शिविर लगाकर बालिकाओं और महिलाओं के लिए लर्निंग लाइसेंस बनवाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए परिवहन सेवा एप के माध्यम से घर बैठे लर्निंग लाइसेंस बनाया जा सकता है, कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे यूट्यूब पर उपलब्ध प्रश्नोत्तरों को देखकर स्वयं आवेदन करें। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सीएमओ डॉ. वाई.के. राय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या कई बार महामारी से भी अधिक हो जाती है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचने का पहला एक घंटा ‘गोल्डन पीरियड’ होता है, जिसमें यदि घायल को समय पर इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजेश कुमार तिवारी ने सड़क सुरक्षा से जुड़े दस महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी और छात्र-छात्राओं से संयम, धैर्य और नियमों का पालन करते हुए सड़क पर चलने की अपील की। इस अवसर पर वाराणसी से आए ‘मंच दूतम’ के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक एवं संगीत के माध्यम से यातायात नियमों और उनके उल्लंघन से होने वाले दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में एनसीसी की छात्रा निधि एवं स्वास्तिका ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य प्रो. उदयन ने किया, धन्यवाद ज्ञापन प्रो. संजय ने तथा संचालन प्रो. अरुण ने किया। अंत में एआरटीओ द्वारा उपस्थित सभी लोगों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई।

