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Chandauli News : परवान चढ़ गईं रंगोत्सव की खुशियां, कस्बा,बाजार हो गए गुलजार, जनपद में 1342 स्थानों पर निभाई जाएगी होलिका दहन की परंपरा

-नई फसल का आगाज होली का त्योहार, ऋतुराज ने बदली गांवों की फिजा

चंदौली। राग, रंग, हंसी, खुशी, आपसी प्रेम, भाईचारे के त्योहार रंगोत्सव की खुशियां अब परवान चढ़ने लगी हैं। होली को लेकर गांव हो या नगर चहुंंओर जहां उल्लास का वातावरण बना हुआ है, वहीं रंग, अबीर, गुलाल संग विविध प्रकार के मुखौटे व पिचकारियों से सजी दुकानों पर खरीदारों की भीड़ देखते ही बन रही है। सोमवार को जिला मुख्यालय सहित पीडीडीयू नगर व जनपद के अन्य कस्बा बाजारों में लोग होली की खुशियां मनाने के लिए खरीदारी में जुटे रहे। देर शाम तक कपड़ों की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ से बाजार गुलजार रहे। होली पर्व की खुशियां अब चंद घंटों की मेहमान रह गई हैं। इसके मद्देनजर सोमवार को दिन भर घरों में तैयारी का दौर जारी रहा। घर की महिलाएं जहां विविध प्रकार के पकवान व मिठाईयां बनाने को लेकर तैयारी करती नजर आईं, वहीं रंगों की मस्ती में सराबोर होने के लिए नौनिहाल भी मगन नजर आए। मान्यता के अनुसार सोमवार को होलिका में आग लगेगी और अबकी होली एक दिन बाद बुधवार यानि 4 मार्च को मनाई जाएगी। होलिका के दहन होते ही बुधवार को सूरज की किरणों के धरती पर आते ही होली की हुड़दंग का सिलसिला आरंभ हो जाएगा। रंगों की बौछार से लोग सराबोर हो जाएंगे।

81 स्थानों पर जलेगी होलिका
सदर कोतवाली सर्किल में कुल 81 स्थानों पर होलिका जलेगी। वहीं जनपद के अन्य हिस्सों में 1342 स्थानों पर होलिका दहन की परंपरा निभाई जाएगी। इसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तो किए ही गए हैं, ग्रामीणों को भी सचेत किया गया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर अवांछनीय तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।

सुरक्षित रहेगा हमारा कल, मनाएं सूखी होली
वर्तमान परिवेश में सूखी होली खेलना ही सुरक्षित होली मनाने का एक बेहतर माध्यम है। इसलिए सभी को संकल्प लेना चाहिए कि गीली होली खेलने के बजाए गुलाल व अबीर से होली खेलें। इससे पानी की बचत तो होगी ही हमारा पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।

नई फसल का आगाज होली का त्योहार
होली का त्योहार नई फसल का आगाज भी है। ऋतुराज वसंत के आगमन से गांवों की फिजा बदल गई है। सिवान में सरसों के फूलों संग तीसी जहां अठखेलियां खेल रही है, वहीं गेहूं की बालियां भी आपस में गलबहियां कर होली के उत्सव को लेकर मगन है। गांव की गलियां संग पूरा सिवान रंगोत्वसव की उमंग से सराबोर हो रहा है। वहीं पतझड़ के चलते वृक्षों में निकल आई नई कोपले व निखरे पलास के फूल मन को आनंदित कर रहे हैं। होली के पारंपरिक गीतों ने गांव की गलियों को रंगीन कर दिया है। वहीं नई नवेली दुल्हनें भी रंग से सराबोर होने के लिए आतुर दिख रही हैं।

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