
चंदौली। पुलिस ने जीरो टॉलरेंस नीति का सख्ती से पालन करते हुए एक अहम सफलता हासिल की है। कोतवाली चन्दौली और थाना इलिया पुलिस की संयुक्त टीम ने गोतस्करों को संरक्षण देने और भ्रष्टाचार के आरोप में एक निलंबित आरक्षी को गिरफ्तार किया है। आरक्षी तस्करों का मददगार बन गया था। वह तस्करों को पुलिस की लोकेशन देकर उनके वाहन पास कराता था। पुलिस ने उसे घर से पकड़ा। एसपी आकाश पटेल ने गिरफ्तारी के बाबत जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर थाने के सुराड़ी निवासी सत्येन्द्र यादव चंदौली में आरक्षी के पद पर नियुक्त है। वह थाना चकरघट्टा में नियुक्त था, लेकिन पूर्व में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित चल रहा था। एसपी ने बताया कि पिछले दिनों तस्करों को पुलिस ने पकड़ा था। उनसे पूछताछ और मोबाइल फोन के व्हाट्सएप कॉल, चैट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर सत्येन्द्र यादव की गो-तस्करी में संलिप्तता उजागर हुई।
जांच में सामने आया कि आरोपी आरक्षी गोतस्करों को चन्दौली बॉर्डर पार कराने में मदद करता था। वह पुलिस की गश्त, लोकेशन और सुरक्षित रास्तों की जानकारी तस्करों को देता था, जिससे वे आसानी से अवैध गतिविधियों को अंजाम दे सकें। इसके बदले वह ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से पैसे लेता था।
पुलिस टीम ने उसे रविवार को पलई बाजार, थाना सम्मनपुर, जनपद अम्बेडकरनगर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक तरुण कुमार कश्यप, हेड कांस्टेबल रविशंकर और कांस्टेबल अरविन्द कुमार शामिल रहे। एसपी ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ पूर्व में भी थाना सैयदराजा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा वर्तमान मामले में भी उस पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
एसपी ने कहा कि चंदौली पुलिस तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरक्षी के साथ ही उसके साथ संलिप्त बाहरी और विभागीय लोगों की भूमिका का पता लगाया जाएगा। इसमें जो भी संलिप्त होगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

