
चंदौली। महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए जत्था निकालने का प्रयास कर रहे शिवसेना कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को थाने ले जाकर निजी मुचलका भरवाने के उपरांत रिहा कर दिया गया।
शिवसेना पदाधिकारियों के अनुसार, हर वर्ष महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में शिवसैनिक काशी जाकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं। उनका कहना है कि यह परंपरा लगभग 30 वर्षों से चली आ रही है। जिला संगठक अजय पासवान ने बताया कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन-पूजन के लिए निकलते हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें आगे बढ़ने से रोक देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार की तरह इस बार भी पुलिस ने रास्ते में रोककर हिरासत में लिया और बाद में निजी मुचलके पर छोड़ दिया।
वहीं भवानी सेना की जिलाध्यक्ष शेवता सिंह ने कहा कि शिवरात्रि के दिन शिवसैनिक श्रृंगार गौरी दर्शन के लिए भी वाराणसी जाने का प्रयास करते हैं, लेकिन प्रशासन अनुमति नहीं देता। उन्होंने इसे आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए प्रशासन से सहयोग की मांग की। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं में अजय पासवान, संतोष गुप्ता, आकाश पासवान, मनीष भारती और शेवता सिंह सहित अन्य समर्थक शामिल रहे।
रामनगर में शिवसैनिक गिरफ्तार, निजी मुचलके पर छूटे
महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के रामनगर नगर अध्यक्ष राजेश भारती के नेतृत्व में 40–50 कार्यकर्ता श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए जा रहे थे। रामनगर चौराहे पर पुलिस ने सभी को रोककर हिरासत में ले लिया और थाने पहुंचाया। कुछ देर बाद निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। इस दौरान विवेक पटेल, जगजीवन कुमार, आकाश पासवान, किशन यादव, किशन भारती सहित भवानी सेना की कई महिला कार्यकर्ता भी मौजूद रहीं। पुलिस की कार्रवाई को लेकर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई।

