
चंदौली। शादी का झांसा देकर महिला के शारीरिक शोषण और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने उसने फेसबुक के जरिये उसका नंबर प्राप्त कर बातचीत शुरू कर दी। इसके बाद शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करता रहा। महिला ने जब शादी के लिए कहा तो उसने इनकार कर दिया और उसका आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता न्याय के लिए मुगलसराय और अलीनगर थाने के चक्कर काट रही है।
महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने फेसबुक के माध्यम से उसका मोबाइल नंबर प्राप्त कर उससे बातचीत शुरू की। लगातार संपर्क में रहने और मीठी बातों के बहकावे में आकर प्रार्थिनी ने अपना पता भी बता दिया, जिसके बाद शहबाज अहमद उसके ससुराल आने-जाने लगा। प्रार्थिनी ने बताया कि बार-बार मना करने के बावजूद भी विपक्षी उसके घर पहुंचता रहा। विश्वास जीतने के लिए उसने शादी का प्रस्ताव रखा और उसके बच्चों को अपनाने का भरोसा भी दिया।
प्रार्थिनी के अनुसार, आरोपी की बातों में आकर वह उसके अनुसार चलने लगी। लगभग नौ माह पूर्व से आरोपी उसके ससुराल में आकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। इस दौरान आरोपी ने बिना जानकारी के उसका वीडियो भी बना लिया, जिसे अब वह दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। घटना के चलते परेशान होकर प्रार्थिनी अपने मायके चली गई। आरोप है कि इसके बाद शहबाज अहमद उससे ऑनलाइन पैसे मांगने लगा और धमकाता रहा।
30 अक्टूबर 2025 की रात लगभग आठ बजे आरोपी ने उसे एक स्थान पर बुलाया। प्रार्थिनी के अनुसार, वहां भी उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शादी की बात करने पर आरोपी ने साफ इनकार कर दिया और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रार्थिनी के ससुराल वालों ने उसे विपक्षी के साथ देख लिया, जिसके बाद उसे घर से निकाल दिया गया।
प्रार्थिनी ने बताया कि उसने 3 नवंबर 2025 को अलीनगर थाने में लिखित प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन वहां से उसे मुगलसराय कोतवाली भेज दिया गया। मुगलसराय कोतवाली पहुंचने पर उसे पुनः अलीनगर थाना भेज दिया गया। इस तरह वह कई दिनों तक दोनों थानों के चक्कर लगाती रही, लेकिन उसे कोई सहायता नहीं मिली। प्रार्थिनी ने बताया कि उसने डाक के माध्यम से भी अलीनगर थाने को प्रार्थना पत्र भेजा, फिर भी अब तक किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। लगातार उपेक्षा और धमकी से परेशान प्रार्थिनी ने वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उसने मांग की है कि उसके प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेकर आरोपी के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

