
चंदौली। मुगलसराय लोको अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की शुक्रवार को मौत हो गई। इससे परिजन आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों व परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। आरोप लगाया कि चिकित्सकों ने इलाज में घोर लापरवाही बरती। अस्पताल में संसाधन न होने के बावजूद हृदय रोग से ग्रसित गंभीर मरीज को रेफर करने की बजाय अस्पताल में भर्ती किए रखा। चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए।
तारापुर के रहने वाले जामवंत चौहान आरपीएफ में थे। उनके पुत्र कालीप्रकाश ने बताया कि उनके पिता को हृदय की बीमारी थी। दर्द होने पर 3 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि उनके पिता को दर्द अधिक था। इस पर चिकित्सकों से रेफर करने के लिए कहा, लेकिन अस्पताल में मौजूद डॉक्टर आरबी सिंह और कोकिला ने बताया कि वे इसे कंट्रोल कर लेंगे और अस्पताल में भर्ती रखा। इसके बाद चिकित्सकों ने इंजेक्शन लगाया। इससे उनके पिता बेहोशी की हालत में चले गए।
उन्होंने बताया कि पांच फरवरी को उनके पिता को जांच के लिए दूसरी जगह भेजा गया। वहां से आने के बाद चिकित्सकों ने फिर इंजेक्शन लगाया। उसके बाद उनकी मौत हो गई। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल चौहान ने कहा कि चिकित्सकों की लापरवाही के चलते मौत हुई। इसके लिए चिकित्सक जिम्मेदार हैं।

