
चंदौली। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने अनफिट स्कूल वाहनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। शासन के निर्देश पर 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत सभी विद्यालयीय वाहनों की गहन जांच की जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सुरक्षित और सुचारू आवागमन को सुनिश्चित करना है।
परिवहन विभाग द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 1172 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 1053 वाहनों की फिटनेस वैध पाई गई है, जबकि 119 वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। ऐसे वाहनों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की गई है। संबंधित विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल वाहनों की मरम्मत कराकर फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त करें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस विशेष अभियान के दौरान वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके अलावा वाहनों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम और CCTV कैमरों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि बच्चों की सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न रहे।
सिर्फ वाहनों की ही नहीं, बल्कि चालकों की भी सघन जांच की जा रही है। उनके ड्राइविंग लाइसेंस, अनुभव, पुलिस सत्यापन और स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि सुरक्षित परिवहन के लिए वाहन के साथ-साथ चालक की जिम्मेदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
इसी क्रम में परिवहन विभाग ने “इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनिटरिंग पोर्टल” की शुरुआत की है। इस पोर्टल पर सभी स्कूलों को अपने वाहनों और चालकों का पूरा विवरण अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह पोर्टल परिवहन, पुलिस और शिक्षा विभाग के संयुक्त नियंत्रण में संचालित होगा, जिससे निगरानी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में फिटनेस प्रमाण पत्र न लेने वाले वाहनों का पंजीकरण निलंबित या निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान में तीनों विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोका जा सके और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
