
चंदौली। चहनिया ब्लॉक में मनरेगा कर्मियों और तकनीकी सहायकों ने मानदेय एवं ईपीएफ के भुगतान में हो रही देरी को लेकर शुक्रवार को सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आक्रोश जताते हुए अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और खंड विकास कार्यालय परिसर में नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी राजेश नायक को सौंपा।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें लंबे समय से मानदेय और ईपीएफ का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इस संबंध में उन्होंने 19 फरवरी को भी खंड विकास अधिकारी को पत्रक सौंपकर भुगतान की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे आहत कर्मचारियों ने अंततः विरोध का रास्ता अपनाया।
मनरेगा कर्मियों और तकनीकी सहायकों ने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हैं, लेकिन समय पर भुगतान न मिलने से उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द बकाया भुगतान करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि इस बार भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे कलमबंद हड़ताल करने को मजबूर होंगे।
विरोध प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने खंड विकास अधिकारी राजेश नायक को ज्ञापन सौंपा। इस पर बीडीओ ने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि कुछ गांवों में कार्य की मात्रा कम होने के बावजूद भुगतान अधिक हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शेष सभी कर्मचारियों का बकाया भुगतान 23 मार्च तक कर दिया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी के इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय समयसीमा तक भुगतान नहीं हुआ, तो वे आगे कड़ा कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान तकनीकी सहायक दीनानाथ यादव, राकेश सिंह यादव, पवन त्रिपाठी, ओमप्रकाश, योगेंद्र, राजेश, आरती, धीरज सिंह, प्रशांत सिंह, साधना देवी, सुनील कुमार सहित सैकड़ों मनरेगा कर्मी और तकनीकी सहायक मौजूद रहे।

