
चंदौली। जनपद में ठंड की गति कमजोर पड़ने के साथ दिन के तापमान में निरंतर वृद्धि हो रही। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ा तो गेहूं की फसल को नुकसान तो होगा ही, गेहूं की बालियां कमजोर होने के कारण उत्पादन भी प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाएगी।
कृषि प्रधान जनपद में रबी के चालू सीजन में कृषि विभाग की ओर से 115037 हेक्टेयर में गेहूं की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उत्पादन 381.745 टन व उत्पादकता 33.18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रखी गई है। वर्तमान में जौ, चना, मसूर, अरहर, सरसों के साथ गेहूं की खेती शबाब पर है। गेहूं की फसल में बालियां निकल गई हैं। एक सप्ताह पूर्व तक गेहूं की फसल के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल बना हुआ था, लेकिन पिछले तीन दिनाें से सुबह व शाम की ठंड में कमी तो आई ही है, दिन का तापमान तीन से चार डिग्री सेल्सियस बढ़ भी गया है। तेज धूप के कारण लोग पसीने से तरबतर हो जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी हुई और तेज हवा चली तो गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव तो पड़ेगा ही बालियों के सूखने के कारण उत्पादन भी प्रभावित होगा।
वर्जन
जनपद में गेहूं की बोआई विलंब से हुई है। फिलहाल अभी सुबह व शाम का तापमान फसल के लिए अनुकूल है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हुई तो फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। दाने कमजोर होने से उत्पादन प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाएंगे।
डा. अभयदीप गौतम, विज्ञानी केवीके
वर्जन
तापमान में वृद्धि होगी तो गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे उत्पादन भी प्रभावित होगा।
विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी

