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Chandauli News : चंदौली में धान खरीद में तेजी, 57.93 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण, किसानों को 277 करोड़ रुपये का भुगतान, सीमा पर हो रही निगरानी

चंदौली। जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीद का कार्य निर्धारित योजना के अनुसार तेजी से संचालित किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार एक नवंबर से शुरू हुई धान खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी 2026 तक जारी रहेगी, ताकि किसानों को अपनी उपज उचित मूल्य पर बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। जिलाधिकारी की अनुमति से जनपद में कुल 130 धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से किसानों से सीधे धान की खरीद की जा रही है। बिहार के धान का यूपी में अवैध रूप से प्रवेश रोकने के लिए सीमा पर विशेष टीम निगरानी कर रही है।

 

जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद में खाद्य विभाग द्वारा 48, पीसीएफ के 27, पीसीयू के 36, यूपीएसएस के 15, मंडी समिति के 2 तथा भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के 2 धान क्रय केंद्र संचालित हैं। शासन की ओर से जनपद के लिए कुल 2 लाख 25 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

अब तक की प्रगति की बात करें तो 9 जनवरी तक 21,490 किसानों से कुल 1,30,339.77 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का 57.93 प्रतिशत है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जनपद में धान खरीद अभियान प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में किसान इसका लाभ उठा रहे हैं।

 

खरीदे गए धान के सापेक्ष अब तक 88,259.80 मीट्रिक टन धान की डिलीवरी राइस मिलर्स को की जा चुकी है। इसके अलावा भारतीय खाद्य निगम के डिपो में 36,781.56 मीट्रिक टन फोर्टीफाइड चावल का समर्पण किया गया है, जो कुल खरीद का 61.58 प्रतिशत है। धान खरीद के एवज में किसानों को 277.13 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में किया जा चुका है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है और किसानों को समय पर धनराशि प्राप्त हो रही है।

 

जनपद के किसानों की उपज को प्राथमिकता देने और बिहार सीमा से अवैध रूप से धान के प्रवेश को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर ककरैत, धरौली और नौबतपुर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए उपजिलाधिकारी, मंडी सचिव और क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो अवैध संचरण पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करेगी।

 

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपना धान अच्छी तरह सुखाकर निर्धारित समय और टोकन के अनुसार ही क्रय केंद्रों पर लाएं। खुले आसमान के नीचे धान न गिराएं, ताकि बारिश या नमी से फसल को नुकसान न पहुंचे। साथ ही रविवार या अवकाश के दिनों में ट्रालियों के साथ केंद्रों पर न पहुंचें, जिससे अनावश्यक असुविधा से बचा जा सके।

 

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