
चंदौली। शहाबगंज ब्लॉक के जेंगुरी गांव में किसान विकास मंच के बैनर तले आयोजित किसान गोष्ठी में भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते, एमएसपी गारंटी कानून और धान खरीद पोर्टल बंदी जैसे मुद्दों पर किसानों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। जागरूकता अभियान के तहत आयोजित इस बैठक में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और सरकार की नीतियों पर खुलकर नाराजगी जताई।
गोष्ठी में मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी न देना किसानों के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी कृषि उत्पादों और खाद्य तेलों का आयात बढ़ाकर देश के किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान विकास मंच किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा।
श्याम बिहारी सिंह ने कहा कि वर्तमान नीतियां किसानों को धीरे-धीरे भूमिहीन बनाकर मजदूरी की ओर धकेलने का प्रयास हैं। उनका कहना था कि यदि समय रहते किसान संगठित नहीं हुए तो खेती-किसानी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नियंत्रण में चली जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने सरकार पर अमेरिकी दबाव में निर्णय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंच पहले भी तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा चुका है और अब भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के खिलाफ व्यापक आंदोलन की तैयारी कर रहा है। धान खरीद पोर्टल बंद होने और खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को उन्होंने किसानों के साथ अन्याय बताया।
सभा के अंत में “भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता रद्द करो”, “एमएसपी पर कानून बनाओ” और “किसान एकता जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जय कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।

