
चंदौली। पड़ाव से रामनगर एवं रामनगर से पड़ाव जाने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क के बीचो-बीच खड़े लगभग 20 जर्जर बिजली के खंभे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। यह स्थिति पिछले करीब एक वर्ष से बनी हुई है। इस दौरान सड़क निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग द्वारा इन खंभों को अब तक हटाया या सड़क किनारे स्थानांतरित नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने तत्काल पोल हटाने की मांग की है। चेताया कि यदि पोल नहीं हटाए गए तो आंदोलन को विवश होंगे।

मुख्य मार्ग के बीच खड़े ये खंभे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। विशेषकर ठंड के मौसम में जब घना कोहरा छा जाता है और दृश्यता बेहद कम हो जाती है, तब इन खंभों से टकराने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि के बाद ही जागेगा।
जनहित और आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सामाजिक स्तर पर एक अस्थायी पहल की गई है। मार्ग पर खड़े खतरनाक खंभों पर लाल रंग के रिफ्लेक्टिव (रेडिएशन) स्टीकर लगवाए गए हैं, ताकि रात और कोहरे के समय वाहन चालकों को दूर से ही इनकी मौजूदगी का आभास हो सके और वे सतर्क रह सकें। हालांकि यह व्यवस्था केवल अस्थायी है और स्थायी समाधान का विकल्प नहीं हो सकती।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द सभी जर्जर और जानलेवा खंभों को मुख्य सड़क से हटाकर सुरक्षित रूप से सड़क किनारे स्थानांतरित किया जाए। उनका कहना है कि समय रहते यदि यह कार्य नहीं किया गया तो किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जनता के हित में आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि जन-जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

