
चंदौली। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर, करेत्तर, राजस्व संग्रह एवं प्रवर्तन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली की स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि लक्ष्य के अनुरूप वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण में गंभीर शिथिलता मिलने पर पीडीडीयू नगर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार को शो-कॉज नोटिस जारी करने के साथ ही वेतन रोकने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्यों में लापरवाही सीधे तौर पर शासन की छवि को प्रभावित करती है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने मंडी, आबकारी, परिवहन, खनन, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की वसूली की समीक्षा करते हुए मंडी शुल्क की कम वसूली पर नाराजगी व्यक्त की। मंडी सचिव की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए उन्होंने वसूली में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व में गिरावट स्वीकार्य नहीं है और सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर प्रवर्तन कार्यों को प्रभावी बनाएं।
पीएम आवास (शहरी) योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा जिन लाभार्थियों ने अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है, उनसे नियमानुसार वसूली सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी उप जिलाधिकारियों को अपने न्यायालयों में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराएं। डाटा फीडिंग एवं अन्य तकनीकी कार्यों की स्वयं निगरानी करने पर भी उन्होंने जोर दिया, ताकि पारदर्शिता और कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, उप निदेशक कृषि भीमसेन, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी सर्वेश गौतम, डिप्टी आरएमओ राधवेंद्र सिंह, प्रभारी उपायुक्त उद्योग राजधारी प्रसाद, मंडी सचिव, नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

