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Chandauli News : धरती माता बचाओ निगरानी समिति की मीटिंग में हुआ मंथन, जैविक खाद के उपयोग को जागरुकता पर जोर, डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश  

चंदौली। धरती माता बचाओ अभियान के तहत गठित जिला स्तरीय धरती माता बचाओ निगरानी समिति की मीटिंग शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग को नियंत्रित करने, औद्योगिक इकाइयों में उर्वरको के डाइवर्जन को रोकने व उर्वरकों के अवैध परिसंचलन, तस्करी, कालाबाजारी ओवर रेटिंग’ रोकने, मृदा में संस्तुत मात्रा के अनुरूप उर्वरकों के प्रयोग और जैविक उर्वरकों के अधिक प्रयोग को जागरुकता, मृदा स्वास्थ्य में अनुकूल परिवर्तन लाने संबंधी बिंदुओं पर मंथन किया गया। डीएम ने जैविक खाद के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

 

डीएम ने कहा जनपद के कृषकों की ओर से मृदा स्वास्थ्य की जानकारी के अभाव में रसायनिक उर्वरको का संस्तुत मात्रा से अधिक मात्रा में प्रयोग किया जाता है, जिसके सम्बन्ध में कृषि विभाग के अधिकारी / कर्मचारी, सहकारिता विभाग के अधिकारी / कर्मचारी तथा फुटकर उर्वरक विक्रेताओ के द्वारा कृषको को अधिक से अधिक जागरूक करते हुए उर्वरको के संतुलित प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही अवगत कराया कि जनपद में विभिन्न प्रकार की औद्योगिक इकाइयां भी स्थापित हैं, जिसमें उर्वरकों के डाइवर्जन होने की सम्भावना बनी रहती है।

उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध परिसंचलन व तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनपद में निरंतर सघन छापेमारी अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। अब तक कुल 129 छापे आयोजित कर 7 उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलम्बित किए गए हैं, 7 लाइसेंस निरस्त किए गए  हैं, व प्रयोगशाला से अमानक उर्वरक प्राप्त होने पर 2 फर्म के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि धरती माता बचाओं अभियान की निगरानी/समीक्षा भारत सरकार के स्तर से नियमित रूप से की जा रही है। रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुन्ध प्रयोग, अवैध रूप से उर्वरकों के डाइवर्जन, कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जनपद, तहसील व ग्राम स्तर पर धरती माता बचाओ निगरानी समिति का गठन कर प्रभावी कार्यवाही किए जाने के लिए भारत सरकार से निर्देश प्राप्त है।

 

ग्राम स्तरीय निगरानी समिति के अध्यक्ष सम्बन्धित ग्राम प्रधान व संयोजक सम्बन्धित ग्राम पंचायत अधिकारी हैं। क्षेत्रीय लेखपाल, ड्रोन दीदी पंचायत सहायक, साधन सहकारी समिति के सचिव, ग्राम पंचायत के दो प्रगतिशील कृषक, सम्बन्धित प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी बीटीएम/ एटीएम/ सम्बन्धित न्याय पंचायत प्रभारी, ग्राम पंचायत स्तर से सम्बन्धित कृषक उत्पादन संगठन के निदेशक मण्डल इसके सदस्य होंगे। तहसील स्तरीय निगरानी समिति के अध्यक्ष सम्बन्धित उपजिलाधिकारी तथा सदस्य सचिव संबंधित उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी होंगे।

 

इस समिति में तहसील के समस्त खण्ड विकास अधिकारी, थाना प्रभारी/नामित पुलिस उप निरीक्षक, उर्वरक विक्रेता संघ कम्पनी के नामित प्रतिनिधि, प्रतिनिधि सहकारिता विभाग के अपर जिला सहकारी अधिकारी, समस्त सहायक विकारा अधिकारी (कृषि/कृषि रक्षा) / वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-बी सदस्य होंगे। ग्राम स्तरीय समितियों के द्वारा अपने कार्य क्षेत्र में किसी व्यक्ति विशेष या व्यक्तियों के समूह के द्वारा उर्वरकों की अत्यधिक बिक्री किये जाने की निगरानी करते हुए इसके कारण का पता लगाया जायेगा।

 

इसके अतिरिक्त उर्वरकों के गैर कृषि उपयोग, डायवर्जन या सीमा पार तस्करी के मामले में गोपनीय तरीके से जानकारी प्राप्त कर, सूचना एकत्र कर तहसील व जिला स्तरीय निगरानी समिति को उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही किसानों को अपने खेत की मृदा संरचना में सुधार हेतु रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग करने के साथ-साथ ही किसानों को प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया जायेगा।

 

तहसील स्तरीय निगरानी समितियों के द्वारा उपरोक्त कार्यों के साथ-साथ तहसील स्तर पर कृषि निवेशों उर्वरक की उपलब्धता / वितरण व साथ ही ग्राम स्तरीय समितियों से प्राप्त गोपनीय सूचनाओं के आधार पर उर्वरकों की कालाबाजारी / तस्करी करने वाले व्यक्तियों/ संस्थाओं के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त उर्वरक कम्पनी के प्रतिनिधियों, थोक उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में अनुदानित उर्वरक निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर विक्रय न किया जाए।

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